यादें तो सम्हाल के रखेंगे सभी ,
चाहा भी तो न भूल पाएंगे कभी
न जाने कब फिर मुलाकात हो ,
न जाने कब फिर वही बात हो
अरमान तो था की साथ रहे हरदम
हालत ऐसीं की बेबश हो गए हम
दिल बैठा और लो कह दिए अलविदा अभी ,
वादा हैं मुस्कुराएंगे जब मिलेंगे फिर कभी
क्या करे हम शायद अब इतना ही साथ था यहाँ
हरपल ह़र लम्हा याद आओगे ,चाहे जाऊ मैं जहाँ
डरता हूँ की फिर मुलाकात हो न हो ,
फिर वही बात हो न हो
क्या करे हम शायद अब इतना ही साथ था यहाँ
हरपल ह़र लम्हा याद आओगे ,चाहे जाऊ मैं जहाँ
डरता हूँ की फिर मुलाकात हो न हो ,
फिर वही बात हो न हो
3 comments:
Very well composed !!!
Thank you very Much Sandeep!! Keep posting!!!
Keep it up!
Post a Comment